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How EBD works? ई बी डी कैसे काम करता है?


What is E.B.D.?
E.B.D क्या है?


हेलो दोस्तों मैं हूं ऑटोमोबाइल गुरु और आज हम कार के ऐसे सेफ्टी फीचर के बारे में बात करेंगे जिसे शायद बहुत कम लोग वाकिफ होंगे, जब भी कार में हम सुरक्षा के बारे में बात करते हैं तो लोग एवरेज के बारे में बात करना पसंद करते हैं कि कितना देती है?

पर कोई यह बात नहीं करता कि यह कार मुझे और मेरे परिवार को विकट परिस्थितियों में कितना सुरक्षित रख पाती है तो चलिए शुरू करते हैं आज कार् के ऐसे ही सुरक्षा फीचर ई बी डी (इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन) के बारे में।
How EBD works? ई बी डी  कैसे काम करता है?
EBD WORKS ON WHEEL


हर बार कहीं से भी आपने सुना होगा कि इस कार के साथ ABS, EBD, ट्रेक्शन कंट्रोल यह फीचर मिलते हैं एबीएस के बारे में हमने पहले जाना था अब आज हम ई बी डी के बारे में आसान से सरल रूप में बात करेंगे क्योंकि इस टॉपिक पर मुझे बहुत सारे प्रश्न मिले हैं और मैं चाहूंगा कि आपको अपनी मातृभाषा हिंदी में आसानी से समझ आ सके।

ई .बी.डी.  कैसे काम करता है ?

एक नॉर्मल कार में चार पहिए होते हैं वह चारों पहिए एक्सीलरेट करने पर साथ साथ आगे बढ़ते हैं व ब्रेक लगाने पर चारों पहिए साथ ही रुक जाते हैं | परन्तु कार में कभी एक सवारी होती है, तो कभी पांच से सात सवारी व बहुत सारा सामान भी होता है|  कभी कार के  एक साइड की तरफ अधिक वजन तो कभी दूसरी साइड पर वजन पड़ता है|  कभी आगे वजन अधिक होता है तो कभी वजन पीछे की और अधिक होता है|

ऐसी स्थिति में कार के प्रत्येक पहिये  पर अलग-अलग वजन होता है, इसका मतलब यह है कि कार के प्रत्येक पहिए को रोकने के लिए उसे अलग-अलग पावर की आवश्यकता होती है,यह कभी कम कभी अधिक हो सकती है ऐसी स्थिति में ई बी डी बहुत कारगर साबित होता है|

जब कार में एक ड्राइवर व एक सवारी आगे हो तो वजन आगे होता है और आगे के पहिए को अधिक ब्रेक पावर की आवश्यकता होती है बजाए पीछे के, वही पीछे भी लोग बैठे हो तो पीछे की पहियों  को अधिक ब्रेक फाॅर्स की आवश्यकता होती है इस स्थिति में  E.B.D. तीन कार्य एक साथ करता है-

पहला पहिये के साथ सेंसर लगे होते हैं जो वजन के बारे में बताते हैं कि इस पहिये परअभी कितना वजन है?

दूसरा एक कंप्यूटर होता है जो पहिए में लगे सेंसर से प्राप्त सिग्नल को रीड करता है।

तीसरा कंप्यूटर रीड करके ब्रेक को बताता है कि इस पहिये पर इतना वजन है और इस पहिए को इतने ब्रेक फोर्स की आवश्यकता है|  यह सभी कार्य बहुत ही जल्दी सेकंड के भी बहुत छोटे से हिस्से में हो जाता है|

कार के हर पहिये पर वजन कम तथा अधिक होता रहता है सोचो कैसे??



जब कार में उतने ही लोग यात्रा कर रहे हो फिर भी हर पहिए पर वजन कम होता रहता है और बढ़ता रहता है प्रति सेकंड चलो समझते हैं-


How EBD works? ई बी डी  कैसे काम करता है?
EBD weight distribution


जब कार मोड़ पर घूमती है तब कार के घूमने की विपरीत दिशा में पहियों पर वजन अपने आप बढ़ जाता है कार के जब ब्रेक लगते हैं तो आगे वाले पहियों पर वजन बढ़ जाता है, जब कार आगे की ओर बढ़ती है तो पीछे के पहियों पर वजन बढ़ जाता है|  ऐसे कार  के प्रत्येक पहिये पर प्रति सेकंड वजन घटता बढ़ता रहता है इसकी मॉनिटरिंग सिस्टम सेंसर के माध्यम से करता है उसी प्रकार से ब्रेक फोर्स पहिये को देता है व सही प्रकार से गाड़ी रूकती है और कम जगह में रूकती है यही सारा सिस्टम EBD कहलाता है।


कार को घुमाते समय भी हम मोड़ पर कार को रोकने के लिए नहीं बल्कि कंट्रोल करने के लिए ब्रेक का इस्तेमाल करते हैं|  तब यह कार में बहुत अच्छे से काम करता है|  ढलान पर कार के चढ़ते समय व ढलान से उतरते समय भी वजन डिस्ट्रीब्यूट होता है इस परिस्थिति में भी उसी प्रकार से ब्रेक लगाता है जिस प्रकार से उस पहिए को ब्रेक फोर्स की जरूरत होती है न कम न ज्यादा।


गुरु ज्ञान:-

कार में आने वाले सुरक्षा फीचर ए बी एस , ई बी डी, ट्रेक्शन कंट्रोल यह सभी हमेशा कार में हमारे साथ काम करते हैं और हमारी सुरक्षा को मजबूत करते हैं|

जबकि एक ऐसा फंक्शन है जिस पर हम बहुत जोर देते हैं कि कार में एयर बैग तो होना ही चाहिए, यह भी अपनी जगह सही है| परंतु एयरबैग हमें एक्सीडेंट होने के बाद बचाता है, जबकि कार के अन्य सेफ्टी फीचर हमें एक्सीडेंट होने से ही बचाते हैं| इसलिए हमेशा ई बी डी वाली कार के साथ ही जाएं।

अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो कमेंट करके बताये और शेयर करे जिससे इसका लाभ अन्य लोग भी ले सके|


विजिट करने के लिए आपका तहेदिल से धन्यवाद

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